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mahabharat 7.35.30: द्रोणाचार्य की सेना उन महाबली योद्धाओं, महान धनुर्धरों और सिंहों द्वारा रक्षित है, जो साध्यों, रुद्रों और मरुद्गणों के समान बलवान तथा वसुओं, अग्नि और सूर्य के समान पराक्रमी हैं ॥30॥   |   mahabharat अध्याय 7.35: युधिष्ठिर और अभिमन्युका संवाद तथा व्यूहभेदनके लिये अभिमन्युकी प्रतिज्ञा   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.35.30 
रक्षितं पुरुषव्याघ्रैर्महेष्वासैर्महाबलै:।
साध्यरुद्रमरुत्तुल्यैर्वस्वग्न्यादित्यविक्रमै:॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
द्रोणाचार्य की सेना उन महाबली योद्धाओं, महान धनुर्धरों और सिंहों द्वारा रक्षित है, जो साध्यों, रुद्रों और मरुद्गणों के समान बलवान तथा वसुओं, अग्नि और सूर्य के समान पराक्रमी हैं ॥30॥
 
Dronacharya's army is protected by those mighty warriors, great archers and lions, who are as strong as the Sadhyas, Rudras and Marudgans and as mighty as the Vasus, Agni and Surya. 30॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)