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mahabharat 7.35.15: महाबाहो! केवल आप, अर्जुन, श्रीकृष्ण या प्रद्युम्न - ये चार ही चक्रव्यूह को तोड़ सकते हैं। कोई भी पाँचवाँ योद्धा इस कार्य में समर्थ नहीं है।॥15॥   |   mahabharat अध्याय 7.35: युधिष्ठिर और अभिमन्युका संवाद तथा व्यूहभेदनके लिये अभिमन्युकी प्रतिज्ञा   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.35.15 
त्वं वार्जुनो वा कृष्णो वा भिन्द्यात् प्रद्युम्न एव वा।
चक्रव्यूहं महाबाहो पञ्चमो नोपपद्यते॥ १५॥
 
 
अनुवाद
महाबाहो! केवल आप, अर्जुन, श्रीकृष्ण या प्रद्युम्न - ये चार ही चक्रव्यूह को तोड़ सकते हैं। कोई भी पाँचवाँ योद्धा इस कार्य में समर्थ नहीं है।॥15॥
 
‘Mahabaho! Only you, Arjun, Shri Krishna or Pradyumna – these four men can break the Chakravyuh. No fifth warrior is capable of this task.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)