Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.34.8: भगवान श्रीकृष्ण और पाण्डवों में जो-जो तेजोमय गुण विद्यमान हैं, वे सब अभिमन्यु में एकत्रित दिखाई पड़ते थे ॥8॥   |   mahabharat अध्याय 7.34: संजयके द्वारा अभिमन्युकी प्रशंसा, द्रोणाचार्यद्वारा चक्रव्यूहका निर्माण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 34: संजयके द्वारा अभिमन्युकी प्रशंसा, द्रोणाचार्यद्वारा चक्रव्यूहका निर्माण  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  7.34.8 
ये च कृष्णे गुणा: स्फीता: पाण्डवेषु च ये गुणा:।
अभिमन्यौ किलैकस्था दृश्यन्ते गुणसंचया:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
भगवान श्रीकृष्ण और पाण्डवों में जो-जो तेजोमय गुण विद्यमान हैं, वे सब अभिमन्यु में एकत्रित दिखाई पड़ते थे ॥8॥
 
All the brilliant qualities that are present in Lord Krishna and the Pandavas were certainly seen gathered in Abhimanyu. ॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)