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mahabharat 7.34.13: हे राजन! आचार्य द्रोण ने जो चक्रव्यूह रचा था, उसमें इन्द्र के समान पराक्रम दिखाने वाले सभी राजा सम्मिलित थे ॥13॥   |   mahabharat अध्याय 7.34: संजयके द्वारा अभिमन्युकी प्रशंसा, द्रोणाचार्यद्वारा चक्रव्यूहका निर्माण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 34: संजयके द्वारा अभिमन्युकी प्रशंसा, द्रोणाचार्यद्वारा चक्रव्यूहका निर्माण  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  7.34.13 
चक्रव्यूहो महाराज आचार्येणाभिकल्पित:।
तत्र शक्रोपमा: सर्वे राजानो विनिवेशिता:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! आचार्य द्रोण ने जो चक्रव्यूह रचा था, उसमें इन्द्र के समान पराक्रम दिखाने वाले सभी राजा सम्मिलित थे ॥13॥
 
O King! The Chakravyuh created by Acharya Drona had included all the kings who had displayed valour equal to that of Indra. ॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)