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श्लोक 7.34.11  |
धृतराष्ट्र उवाच
अभिमन्युमहं सूत सौभद्रमपराजितम्।
श्रोतुमिच्छामि कात्स्न्र्येन कथमायोधने हत:॥ ११॥ |
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| अनुवाद |
| धृतराष्ट्र बोले- सूत! मैं सुभद्रापुत्र अभिमन्यु के विषय में सम्पूर्ण वृत्तांत सुनना चाहता हूँ, जो कभी किसी से पराजित नहीं हुआ था। वह युद्ध में किस प्रकार मारा गया?॥ 11॥ |
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| Dhritarashtra said— Suta! I want to hear the whole story about Subhadra's son Abhimanyu who was never defeated by anyone. How was he killed in the war?॥ 11॥ |
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