Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.34.10: वह रूप, पराक्रम और शास्त्रज्ञान में अर्जुन के समान था और विनय में नकुल और सहदेव के समान था ॥10॥   |   mahabharat अध्याय 7.34: संजयके द्वारा अभिमन्युकी प्रशंसा, द्रोणाचार्यद्वारा चक्रव्यूहका निर्माण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 34: संजयके द्वारा अभिमन्युकी प्रशंसा, द्रोणाचार्यद्वारा चक्रव्यूहका निर्माण  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.34.10 
धनंजयस्य रूपेण विक्रमेण श्रुतेन च।
विनयात् सहदेवस्य सदृशो नकुलस्य च॥ १०॥
 
 
अनुवाद
वह रूप, पराक्रम और शास्त्रज्ञान में अर्जुन के समान था और विनय में नकुल और सहदेव के समान था ॥10॥
 
He was equal to Arjuna in beauty, bravery and knowledge of scriptures and in humility he was equal to Nakula and Sahadev. 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)