vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 33: दुर्योधनका उपालम्भ, द्रोणाचार्यकी प्रतिज्ञा और अभिमन्युवधके वृत्तान्तका संक्षेपसे वर्णन
»
श्लोक 4
श्लोक
7.33.4
श्लाघमानेषु भूतेषु फाल्गुनस्यामितान् गुणान्।
केशवस्य च सौहार्दे कीर्त्यमानेऽर्जुनं प्रति॥ ४॥
अनुवाद
सभी प्राणी अर्जुन के असंख्य गुणों की प्रशंसा कर रहे थे और भगवान श्रीकृष्ण की उस पर कृपा की प्रशंसा कर रहे थे॥4॥
All the living beings were praising Arjuna's innumerable qualities and praising Lord Krishna's kindness towards him. 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×