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श्री महाभारत
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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 33: दुर्योधनका उपालम्भ, द्रोणाचार्यकी प्रतिज्ञा और अभिमन्युवधके वृत्तान्तका संक्षेपसे वर्णन
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श्लोक 13
श्लोक
7.33.13
सत्यं तात ब्रवीम्यद्य नैतज्जात्वन्यथा भवेत्।
अद्यैकं प्रवरं कंचित् पातयिष्ये महारथम्॥ १३॥
अनुवाद
‘पिताजी! आज मैं आपसे एक सत्य बात कह रहा हूँ, वह कभी मिथ्या नहीं हो सकती। आज मैं पाण्डव पक्ष के एक महारथी का अवश्य ही वध करूँगा।॥13॥
‘Father! Today I am telling you a truth, it can never be false. Today I will surely kill a great warrior from the Pandava side.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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