Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.32.69-70h: उसके बाद दुर्योधन, द्रोणाचार्य और राजा जयद्रथ ने सत्यकिरु के रूप में डूबते हुए राधानंदन कर्ण को समुद्र से बचाया। 69 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.32: कौरव-पाण्डव-सेनाओंका घमासान युद्ध,भीमसेनका कौरव महारथियोंके साथ संग्राम, भयंकर संहार, पाण्डवोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, अर्जुन और कर्णका युद्ध, कर्णके भाइयोंका वध तथा कर्ण और सात्यकिका संग्राम   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 32: कौरव-पाण्डव-सेनाओंका घमासान युद्ध,भीमसेनका कौरव महारथियोंके साथ संग्राम, भयंकर संहार, पाण्डवोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, अर्जुन और कर्णका युद्ध, कर्णके भाइयोंका वध तथा कर्ण और सात्यकिका संग्राम  »  श्लोक 69-70h
 
 
श्लोक  7.32.69-70h 
ततो दुर्योधनो द्रोणो राजा चैव जयद्रथ:॥ ६९॥
निमज्जमानं राधेयमुज्जह्रु: सात्यकार्णवात्।
 
 
अनुवाद
उसके बाद दुर्योधन, द्रोणाचार्य और राजा जयद्रथ ने सत्यकिरु के रूप में डूबते हुए राधानंदन कर्ण को समुद्र से बचाया। 69 1/2॥
 
After that, Duryodhana, Dronacharya and King Jayadratha rescued the drowning Radhanandan Karna from the ocean in the form of Satyakiru. 69 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)