Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.32.68-69h: तत्पश्चात् उसने दो बाणों से कर्ण का धनुष काट डाला तथा तीन बाणों से कर्ण की दोनों भुजाओं और छाती को घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.32: कौरव-पाण्डव-सेनाओंका घमासान युद्ध,भीमसेनका कौरव महारथियोंके साथ संग्राम, भयंकर संहार, पाण्डवोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, अर्जुन और कर्णका युद्ध, कर्णके भाइयोंका वध तथा कर्ण और सात्यकिका संग्राम   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 32: कौरव-पाण्डव-सेनाओंका घमासान युद्ध,भीमसेनका कौरव महारथियोंके साथ संग्राम, भयंकर संहार, पाण्डवोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, अर्जुन और कर्णका युद्ध, कर्णके भाइयोंका वध तथा कर्ण और सात्यकिका संग्राम  »  श्लोक 68-69h
 
 
श्लोक  7.32.68-69h 
भल्लाभ्यां साधुमुक्ताभ्यां छित्त्वा कर्णस्य कार्मुकम्॥ ६८॥
पुन: कर्णं त्रिभिर्बाणैर्बाह्वोरुरसि चार्पयत्।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् उसने दो बाणों से कर्ण का धनुष काट डाला तथा तीन बाणों से कर्ण की दोनों भुजाओं और छाती को घायल कर दिया।
 
Thereafter, he cut off Karna's bow with two well-shot arrows and then injured Karna's both arms and chest with three arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)