Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.32.50-51h: कौरव सैनिकों के रथ टूटकर बिखर गए। उनकी हालत बहुत ख़राब हो गई। वे लगभग युद्ध से विमुख हो गए और 'अरे कर्ण, अरे कर्ण' चिल्लाने लगे। | mahabharat अध्याय 7.32: कौरव-पाण्डव-सेनाओंका घमासान युद्ध,भीमसेनका कौरव महारथियोंके साथ संग्राम, भयंकर संहार, पाण्डवोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, अर्जुन और कर्णका युद्ध, कर्णके भाइयोंका वध तथा कर्ण और सात्यकिका संग्राम । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ते विकीर्णरथाश्चित्रा: प्रायशश्च पराङ्मुखा:॥ ५०॥
कुरव: कर्ण कर्णेति हाहेति च विचुक्रुशु:।
अनुवाद
कौरव सैनिकों के रथ टूटकर बिखर गए। उनकी हालत बहुत ख़राब हो गई। वे लगभग युद्ध से विमुख हो गए और 'अरे कर्ण, अरे कर्ण' चिल्लाने लगे।
The chariots of the Kaurava soldiers were shattered and scattered. They were in a terrible state. They almost turned away from the battle and started shouting 'Oh Karna, Oh Karna'.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥