Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.32.37-38h: उस समय भयंकर योद्धा द्रोणाचार्य के रथ के पास सब दिशाओं से 'शत्रुओं को दौड़ो, पकड़ो और निर्भय होकर मार डालो' ऐसी भयंकर ध्वनि आने लगी ॥37 1/2॥ | mahabharat अध्याय 7.32: कौरव-पाण्डव-सेनाओंका घमासान युद्ध,भीमसेनका कौरव महारथियोंके साथ संग्राम, भयंकर संहार, पाण्डवोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, अर्जुन और कर्णका युद्ध, कर्णके भाइयोंका वध तथा कर्ण और सात्यकिका संग्राम । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय भयंकर योद्धा द्रोणाचार्य के रथ के पास सब दिशाओं से 'शत्रुओं को दौड़ो, पकड़ो और निर्भय होकर मार डालो' ऐसी भयंकर ध्वनि आने लगी ॥37 1/2॥
At that time, from all directions near the chariot of the fierce warrior Dronacharya, the terrifying sound of 'Run, catch and fearlessly kill the enemies' began to come. ॥ 37 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥