Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.32.34-35h: उस समय सेना द्वारा उड़ाई जा रही धूल से पूरी भीड़ उत्तेजित थी, किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था। उस युद्ध में किसी भी नियम या मर्यादा का पालन नहीं किया जा रहा था। | mahabharat अध्याय 7.32: कौरव-पाण्डव-सेनाओंका घमासान युद्ध,भीमसेनका कौरव महारथियोंके साथ संग्राम, भयंकर संहार, पाण्डवोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, अर्जुन और कर्णका युद्ध, कर्णके भाइयोंका वध तथा कर्ण और सात्यकिका संग्राम । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय सेना द्वारा उड़ाई जा रही धूल से पूरी भीड़ उत्तेजित थी, किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था। उस युद्ध में किसी भी नियम या मर्यादा का पालन नहीं किया जा रहा था।
At that time the entire crowd was agitated due to the dust raised by the army, nobody could understand anything. No rules or decorum were being followed in that war. 34 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥