Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.32.27-28h: कुछ लोग एक-दूसरे के बाल पकड़कर लड़ने लगे। कुछ योद्धा एक-दूसरे पर भयंकर मुक्के बरसाने लगे। अनेक वीर योद्धा उस निर्जन स्थान में शरण लेकर एक-दूसरे को अपने नाखूनों और दांतों से चोट पहुँचा रहे थे। | mahabharat अध्याय 7.32: कौरव-पाण्डव-सेनाओंका घमासान युद्ध,भीमसेनका कौरव महारथियोंके साथ संग्राम, भयंकर संहार, पाण्डवोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, अर्जुन और कर्णका युद्ध, कर्णके भाइयोंका वध तथा कर्ण और सात्यकिका संग्राम । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आसीत् केशपरामर्शो मुष्टियुद्धं च दारुणम्॥ २७॥
नखैर्दन्तैश्च शूराणामद्वीपे द्वीपमिच्छताम्।
अनुवाद
कुछ लोग एक-दूसरे के बाल पकड़कर लड़ने लगे। कुछ योद्धा एक-दूसरे पर भयंकर मुक्के बरसाने लगे। अनेक वीर योद्धा उस निर्जन स्थान में शरण लेकर एक-दूसरे को अपने नाखूनों और दांतों से चोट पहुँचा रहे थे।
Some people started fighting by grabbing each other's hair. Some warriors started punching each other very fiercely. Many valiant warriors were seeking shelter in that desolate place and were hurting each other with their nails and teeth.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥