Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.32.25-26h: मनुष्य, घोड़े और हाथी का रक्त आपस में मिल रहा था। रक्त के प्रवाह ने वहाँ उड़ती भयंकर धूल को शांत कर दिया। उस रक्तराशि को देखकर डरपोक मनुष्य भी मंत्रमुग्ध हो गए। | mahabharat अध्याय 7.32: कौरव-पाण्डव-सेनाओंका घमासान युद्ध,भीमसेनका कौरव महारथियोंके साथ संग्राम, भयंकर संहार, पाण्डवोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, अर्जुन और कर्णका युद्ध, कर्णके भाइयोंका वध तथा कर्ण और सात्यकिका संग्राम । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मनुष्य, घोड़े और हाथी का रक्त आपस में मिल रहा था। रक्त के प्रवाह ने वहाँ उड़ती भयंकर धूल को शांत कर दिया। उस रक्तराशि को देखकर डरपोक मनुष्य भी मंत्रमुग्ध हो गए।
The blood of man, horse and elephant was mixing with each other. The flow of blood pacified the terrible dust flying there. Seeing that mass of blood, even timid men were mesmerized. 25 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥