Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.32.15-16h: दूसरे हाथियों ने भी गिरे हुए बहुत से लोगों को अपने पैरों तले रौंद डाला। उन्होंने अपने दाँतों से ज़मीन पर प्रहार किया और कई सारथियों को चीर डाला।   |   mahabharat अध्याय 7.32: कौरव-पाण्डव-सेनाओंका घमासान युद्ध,भीमसेनका कौरव महारथियोंके साथ संग्राम, भयंकर संहार, पाण्डवोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, अर्जुन और कर्णका युद्ध, कर्णके भाइयोंका वध तथा कर्ण और सात्यकिका संग्राम   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 32: कौरव-पाण्डव-सेनाओंका घमासान युद्ध,भीमसेनका कौरव महारथियोंके साथ संग्राम, भयंकर संहार, पाण्डवोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, अर्जुन और कर्णका युद्ध, कर्णके भाइयोंका वध तथा कर्ण और सात्यकिका संग्राम  »  श्लोक 15-16h
 
 
श्लोक  7.32.15-16h 
अपरांश्चापरेऽमृद्नन् वारणा: पतितान् नरान्॥ १५॥
विषाणैश्चावनिं गत्वा व्यभिन्दन् रथिनो बहून्।
 
 
अनुवाद
दूसरे हाथियों ने भी गिरे हुए बहुत से लोगों को अपने पैरों तले रौंद डाला। उन्होंने अपने दाँतों से ज़मीन पर प्रहार किया और कई सारथियों को चीर डाला।
 
The other elephants also trampled many of the fallen men under their feet. They struck the ground with their tusks and tore apart many charioteers.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)