Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.32.14-15h: आर्य! उस युद्ध में बहुत से लोग बाणों से बिंधकर रथों से गिर पड़े। बहुत से योद्धा कवचविहीन होकर भूमि पर गिर पड़े और अचानक एक हाथी उनकी छाती पर पैर रखकर उनके सिरों को कुचल देता। | mahabharat अध्याय 7.32: कौरव-पाण्डव-सेनाओंका घमासान युद्ध,भीमसेनका कौरव महारथियोंके साथ संग्राम, भयंकर संहार, पाण्डवोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, अर्जुन और कर्णका युद्ध, कर्णके भाइयोंका वध तथा कर्ण और सात्यकिका संग्राम । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आर्य! उस युद्ध में बहुत से लोग बाणों से बिंधकर रथों से गिर पड़े। बहुत से योद्धा कवचविहीन होकर भूमि पर गिर पड़े और अचानक एक हाथी उनकी छाती पर पैर रखकर उनके सिरों को कुचल देता।
Arya! In that war, many men fell down from their chariots after being pierced by arrows. Many warriors fell on the ground without armour and suddenly an elephant would put its foot on their chest and crush their heads. 14 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥