श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 31: कौरव-पाण्डव-सेनाओंका घमासान युद्ध तथा अश्वत्थामाके द्वारा राजा नीलका वध  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  7.31.24 
स प्लुत: स्यन्दनात्तस्मान्नीलश्चर्मवरासिभृत्।
द्रौणायने: शिर: कायाद्धर्तुमैच्छत् पतत्रिवत्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
तब नील अपनी ढाल और सुन्दर तलवार हाथ में लेकर रथ से कूद पड़ा। जैसे पक्षी किसी इच्छित वस्तु पर झपटता है, वैसे ही नील के मन में भी अश्वत्थामा का सिर धड़ से अलग करने का विचार आया॥ 24॥
 
Then Neel jumped from the chariot with his shield and beautiful sword in his hands. Just as a bird pounces upon something it wants, Neel also thought of severing Ashvatthama's head from his torso.॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)