श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 31: कौरव-पाण्डव-सेनाओंका घमासान युद्ध तथा अश्वत्थामाके द्वारा राजा नीलका वध  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  7.31.20 
तं दहन्तमनीकानि द्रोणपुत्र: प्रतापवान्।
पूर्वाभिभाषी सुश्लक्ष्णं स्मयमानोऽभ्यभाषत॥ २०॥
 
 
अनुवाद
राजा नील को कौरव सेना को जलाते देख, सर्वप्रथम वार्तालाप आरम्भ करने वाले द्रोणपुत्र प्रतापी अश्वत्थामा ने मधुर वचनों में मुस्कराते हुए कहा-॥20॥
 
Seeing King Neela burning the Kaurava army, Ashwatthama, the glorious son of Drona, who was the first to initiate the conversation, said with a smile in sweet words – ॥ 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)