श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 31: कौरव-पाण्डव-सेनाओंका घमासान युद्ध तथा अश्वत्थामाके द्वारा राजा नीलका वध  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  7.31.18 
तदद्भुतमभूद् युद्धं द्रोणपाञ्चालयोस्तथा।
नैव तस्योपमा काचिदिति मे निश्चिता मति:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
वहाँ द्रोणाचार्य और धृष्टद्युम्न के बीच अद्भुत युद्ध हुआ, जिसकी कहीं कोई तुलना नहीं थी, ऐसा मेरा दृढ़ मत है ॥18॥
 
There a wonderful battle took place between Dronacharya and Dhrishtadyumna, which had no comparison anywhere, this is my firm opinion. ॥ 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)