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श्लोक  7.31.17 
तेषु प्रमथ्यमानेषु द्रोणेनाद्भुतकर्मणा।
पर्यवारयदासाद्य द्रोणं सेनापति: स्वयम्॥ १७॥
 
 
अनुवाद
जब महाबली द्रोणाचार्य धन-सागर का मंथन कर रहे थे, तब स्वयं सेनापति धृष्टद्युम्न ने द्रोण के पास जाकर उन्हें रोक दिया।
 
When the mighty Dronacharya was churning the ocean of wealth, the Commander-in-Chief Dhrishtadyumna himself went to Drona and stopped him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)