Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.31.11: पांडव लज्जित थे, सद्गुण से प्रेरित थे और क्रोध से अभिभूत थे। वे अपने प्राणों की परवाह किए बिना उस महायुद्ध में द्रोणाचार्य का वध करने के लिए लौट रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 7.31: कौरव-पाण्डव-सेनाओंका घमासान युद्ध तथा अश्वत्थामाके द्वारा राजा नीलका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 31: कौरव-पाण्डव-सेनाओंका घमासान युद्ध तथा अश्वत्थामाके द्वारा राजा नीलका वध  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  7.31.11 
ते त्वमर्षवशं प्राप्ता ह्रीमन्त: सत्त्वचोदिता:।
त्यक्त्वा प्राणान् न्यवर्तन्त घ्नन्तो द्रोणं महाहवे॥ ११॥
 
 
अनुवाद
पांडव लज्जित थे, सद्गुण से प्रेरित थे और क्रोध से अभिभूत थे। वे अपने प्राणों की परवाह किए बिना उस महायुद्ध में द्रोणाचार्य का वध करने के लिए लौट रहे थे।
 
The Pandavas were feeling shy, motivated by the virtue of goodness and were overcome by anger. They were returning to kill Dronacharya in that great battle without caring for their lives.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)