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mahabharat 7.30.9: महाराज! आपके दोनों साले महामनस्वी राजकुमार वृषक और अचल, इन्द्र, वृत्रासुर और बलासुर के समान अर्जुन को भयंकर रूप से घायल करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 7.30: अर्जुनके द्वारा वृषक और अचलका वध, शकुनिकी माया और उसकी पराजय तथा कौरव-सेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.30.9 
श्यालौ तव महात्मानौ राजानौ वृषकाचलौ।
भृशं विजघ्नतु: पार्थमिन्द्रं वृत्रबलाविव॥ ९॥
 
 
अनुवाद
महाराज! आपके दोनों साले महामनस्वी राजकुमार वृषक और अचल, इन्द्र, वृत्रासुर और बलासुर के समान अर्जुन को भयंकर रूप से घायल करने लगे।
 
Maharaj! Your two brothers-in-law, the great-minded princes Vrishaka and Achal, began to injure Arjuna severely, like Indra, Vritrasura and Balasur.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)