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mahabharat 7.30.6: तब धनंजय ने क्रोध में भरकर अपने बाणों से गांधार के पाँच सौ सशस्त्र योद्धाओं को मारकर यमलोक भेज दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.30: अर्जुनके द्वारा वृषक और अचलका वध, शकुनिकी माया और उसकी पराजय तथा कौरव-सेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.30.6 
तत: पञ्चशतान् वीरान् गान्धारानुद्यतायुधान्।
प्राहिणोन्मृत्युलोकाय क्रुद्धो बाणैर्धनंजय:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
तब धनंजय ने क्रोध में भरकर अपने बाणों से गांधार के पाँच सौ सशस्त्र योद्धाओं को मारकर यमलोक भेज दिया।
 
Then Dhananjaya, filled with anger, killed with his arrows five hundred armed warriors of Gandhara and sent them to Yamaloka.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)