श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 30: अर्जुनके द्वारा वृषक और अचलका वध, शकुनिकी माया और उसकी पराजय तथा कौरव-सेनाका पलायन  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  7.30.40 
न च द्वितीयं व्यसृजत् कुञ्जराश्वनरेषु स:।
पृथगेकशरारुग्णा निपेतुस्ते गतासव:॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन ने हाथी, घोड़े और मनुष्यों पर दूसरा बाण नहीं चलाया, वे सब एक ही बाण से अलग-अलग घायल होकर भूमि पर गिर पड़े ॥40॥
 
Arjuna did not shoot a second arrow at elephants, horses and men. All of them were wounded separately by a single arrow and fell lifeless on the ground. ॥ 40॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)