Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.30.38: अर्जुन द्वारा कंकपक्ष से छोड़े गए बाण विरोधी योद्धाओं के शरीरों को छेदते हुए, टिड्डियों के दल के समान सब ओर गिरने लगे और सब दिशाओं को आच्छादित कर देने लगे। | mahabharat अध्याय 7.30: अर्जुनके द्वारा वृषक और अचलका वध, शकुनिकी माया और उसकी पराजय तथा कौरव-सेनाका पलायन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अर्जुन द्वारा कंकपक्ष से छोड़े गए बाण विरोधी योद्धाओं के शरीरों को छेदते हुए, टिड्डियों के दल के समान सब ओर गिरने लगे और सब दिशाओं को आच्छादित कर देने लगे।
The arrows shot by Arjuna with Kankapaksh were piercing the bodies of the opposing warriors. They started falling everywhere like a swarm of locusts, covering all directions. 38.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥