Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.30.33-34h: तत्पश्चात् दक्षिण दिशा में पुनः कुछ विचित्र योद्धाओं में भयंकर युद्ध आरम्भ हो गया और मैं तथा अर्जुन द्रोणाचार्य के पास गये।   |   mahabharat अध्याय 7.30: अर्जुनके द्वारा वृषक और अचलका वध, शकुनिकी माया और उसकी पराजय तथा कौरव-सेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 30: अर्जुनके द्वारा वृषक और अचलका वध, शकुनिकी माया और उसकी पराजय तथा कौरव-सेनाका पलायन  »  श्लोक 33-34h
 
 
श्लोक  7.30.33-34h 
तत: पुनर्दक्षिणत: संग्रामश्चित्रयोधिनाम्॥ ३३॥
सुयुद्धं चार्जुनस्यासीदहं तु द्रोणमन्वियाम्।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् दक्षिण दिशा में पुनः कुछ विचित्र योद्धाओं में भयंकर युद्ध आरम्भ हो गया और मैं तथा अर्जुन द्रोणाचार्य के पास गये।
 
Thereafter, again in the southern direction, a fierce battle started between some strange warriors and Arjuna and I went to Dronacharya. 33 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)