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श्लोक  7.30.3 
तौ समेत्यार्जुनं वीरौ पुर: पश्चाच्च धन्विनौ।
अविध्येतां महावेगैर्निशितैराशुगैर्भृशम्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
उन दोनों वीर धनुर्धरों ने अर्जुन पर आगे और पीछे से आक्रमण किया तथा अपने अत्यन्त तीव्र एवं पैने बाणों से उसे बुरी तरह घायल कर दिया।
 
Those two brave archers attacked Arjun from the front and back and wounded him severely with their extremely fast and sharp arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)