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mahabharat 7.30.23: तत्पश्चात् अर्जुन के रथ के पास अंधकार प्रकट हुआ और उस अंधकार से अर्जुन को डाँटते हुए क्रूर शब्द उसके कानों में पड़े॥ 23॥   |   mahabharat अध्याय 7.30: अर्जुनके द्वारा वृषक और अचलका वध, शकुनिकी माया और उसकी पराजय तथा कौरव-सेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.30.23 
ततस्तम: प्रादुरभूदर्जुनस्य रथं प्रति।
तस्माच्च तमसो वाच: क्रूरा: पार्थमभर्त्सयन्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् अर्जुन के रथ के पास अंधकार प्रकट हुआ और उस अंधकार से अर्जुन को डाँटते हुए क्रूर शब्द उसके कानों में पड़े॥ 23॥
 
Thereafter darkness appeared near Arjuna's chariot and from that darkness cruel words fell upon his ears, scolding Arjuna.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)