श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 30: अर्जुनके द्वारा वृषक और अचलका वध, शकुनिकी माया और उसकी पराजय तथा कौरव-सेनाका पलायन  »  श्लोक 19-20
 
 
श्लोक  7.30.19-20 
खरोष्ट्रमहिषा: सिंहा व्याघ्रा: सृमरचित्रका:।
ऋक्षा: शालावृका गृध्रा: कपयश्च सरीसृपा:॥ १९॥
विविधानि च रक्षांसि क्षुधितान्यर्जुनं प्रति।
संक्रुद्धान्यभ्यधावन्त विविधानि वयांसि च॥ २०॥
 
 
अनुवाद
गधे, ऊँट, भैंसे, सिंह, बाघ, सियार, चीते, भालू, कुत्ते, गिद्ध, बंदर, साँप तथा नाना प्रकार के भूखे राक्षस और पक्षी अत्यन्त क्रोधित होकर अर्जुन पर आक्रमण करने लगे।
 
Donkeys, camels, buffaloes, lions, tigers, jackals, leopards, bears, dogs, vultures, monkeys, snakes and various kinds of hungry demons and birds became extremely enraged and started attacking Arjun.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)