Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.30.12: महाराज! सगे भाई होने के कारण उन दोनों वीर योद्धाओं में एक ही प्रकार के लक्षण थे। दोनों सिंह के समान पराक्रमी, लाल नेत्रों वाले और विशाल भुजाओं से सुशोभित थे। वे दोनों एक ही समय रथ से नीचे गिर पड़े॥12॥ | mahabharat अध्याय 7.30: अर्जुनके द्वारा वृषक और अचलका वध, शकुनिकी माया और उसकी पराजय तथा कौरव-सेनाका पलायन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! सगे भाई होने के कारण उन दोनों वीर योद्धाओं में एक ही प्रकार के लक्षण थे। दोनों सिंह के समान पराक्रमी, लाल नेत्रों वाले और विशाल भुजाओं से सुशोभित थे। वे दोनों एक ही समय रथ से नीचे गिर पड़े॥12॥
Maharaj! Being real brothers, both those brave warriors had similar characteristics. Both were as valiant as lions, had red eyes and were adorned with huge arms. Both of them fell down from the chariot to the ground at the same time.॥12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥