Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.29.9: जब हाथी का कवच कट गया, तब बाणों के कारण उसे बड़ी पीड़ा होने लगी। वह रक्त की धारा से नहा गया और ऐसा प्रतीत होने लगा जैसे मेघों से रहित और केसर मिश्रित जल की धारा से भीगा हुआ गिरिराज पर्वत हो। | mahabharat अध्याय 7.29: अर्जुन और भगदत्तका युद्ध, श्रीकृष्णद्वारा भगदत्तके वैष्णवास्त्रसे अर्जुनकी रक्षा तथा अर्जुनद्वारा हाथीसहित भगदत्तका वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब हाथी का कवच कट गया, तब बाणों के कारण उसे बड़ी पीड़ा होने लगी। वह रक्त की धारा से नहा गया और ऐसा प्रतीत होने लगा जैसे मेघों से रहित और केसर मिश्रित जल की धारा से भीगा हुआ गिरिराज पर्वत हो।
When the elephant's armour was cut, it started feeling great pain due to the arrows. It was bathed in a stream of blood and started looking like the mountain of Giriraj, devoid of clouds and drenched in a stream of water (mixed with saffron).
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥