Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.29.5: भगदत्त के छोड़े हुए बाण, जो अग्नि के स्पर्श के समान तीक्ष्ण और सुन्दर पंखों वाले थे, देवकीपुत्र श्रीकृष्ण के शरीर को छेदकर पृथ्वी में अन्तर्धान हो गए॥5॥ | mahabharat अध्याय 7.29: अर्जुन और भगदत्तका युद्ध, श्रीकृष्णद्वारा भगदत्तके वैष्णवास्त्रसे अर्जुनकी रक्षा तथा अर्जुनद्वारा हाथीसहित भगदत्तका वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भगदत्त के छोड़े हुए बाण, जो अग्नि के स्पर्श के समान तीक्ष्ण और सुन्दर पंखों वाले थे, देवकीपुत्र श्रीकृष्ण के शरीर को छेदकर पृथ्वी में अन्तर्धान हो गए॥5॥
The arrows shot by Bhagadatta, which were as sharp as the touch of fire and had beautiful wings, pierced the body of Sri Krishna, the son of Devaki and disappeared into the earth. ॥5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥