श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 29: अर्जुन और भगदत्तका युद्ध, श्रीकृष्णद्वारा भगदत्तके वैष्णवास्त्रसे अर्जुनकी रक्षा तथा अर्जुनद्वारा हाथीसहित भगदत्तका वध  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  7.29.42 
स करी भगदत्तेन प्रेर्यमाणो मुहुर्मुहु:।
न करोति वचस्तस्य दरिद्रस्येव योषिता॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
भगदत्त के बार-बार आग्रह करने पर भी हाथी ने उनकी आज्ञा नहीं मानी, जैसे दुष्ट स्त्री अपने गरीब स्वामी की आज्ञा नहीं मानती ॥42॥
 
Even after being urged repeatedly by Bhagadatta, the elephant did not obey his orders, just as a wicked woman does not obey her poor master. ॥ 42॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)