श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 29: अर्जुन और भगदत्तका युद्ध, श्रीकृष्णद्वारा भगदत्तके वैष्णवास्त्रसे अर्जुनकी रक्षा तथा अर्जुनद्वारा हाथीसहित भगदत्तका वध  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  7.29.39 
एवमुक्तस्तदा पार्थ: केशवेन महात्मना।
भगदत्तं शितैर्बाणै: सहसा समवाकिरत्॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
महात्मा केशव की यह बात सुनकर कुन्तीपुत्र अर्जुन ने सहसा भगदत्त पर तीखे बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी।
 
Upon hearing Mahatma Keshav say this, Kunti's son Arjuna suddenly began showering sharp arrows on Bhagadatta.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)