श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 29: अर्जुन और भगदत्तका युद्ध, श्रीकृष्णद्वारा भगदत्तके वैष्णवास्त्रसे अर्जुनकी रक्षा तथा अर्जुनद्वारा हाथीसहित भगदत्तका वध  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  7.29.38 
वैरिणं जहि दुर्धर्षं भगदत्तं सुरद्विषम्।
यथाहं जघ्निवान् पूर्वं हितार्थं नरकं तथा॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
महाबली योद्धा भगदत्त आपका शत्रु और देवताओं का द्रोही है। अतः आप उसे उसी प्रकार मार डालें, जैसे मैंने पूर्वकाल में लोक-कल्याण के लिए नरकासुर का वध किया था॥ 38॥
 
The formidable warrior Bhagadatta is your enemy and a traitor to the gods. Therefore, you should kill him just as I had killed Narakasur in the past for the welfare of the people.'॥ 38॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)