vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 29: अर्जुन और भगदत्तका युद्ध, श्रीकृष्णद्वारा भगदत्तके वैष्णवास्त्रसे अर्जुनकी रक्षा तथा अर्जुनद्वारा हाथीसहित भगदत्तका वध
»
श्लोक 3
श्लोक
7.29.3
तथा तु शरवर्षाणि पातयत्यनिशं प्रभो।
गजस्कन्धान्महाराज कृष्णयो: स्यन्दनस्थयो:॥ ३॥
अनुवाद
हे पराक्रमी महाराज! भगदत्त हाथी की पीठ से रथ पर बैठे श्रीकृष्ण और अर्जुन पर निरन्तर बाणों की वर्षा कर रहा था।
Powerful King! From the back of the elephant Bhagadatta was continuously showering arrows on Shri Krishna and Arjuna who were seated on the chariot.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×