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mahabharat 7.29.3: हे पराक्रमी महाराज! भगदत्त हाथी की पीठ से रथ पर बैठे श्रीकृष्ण और अर्जुन पर निरन्तर बाणों की वर्षा कर रहा था।   |   mahabharat अध्याय 7.29: अर्जुन और भगदत्तका युद्ध, श्रीकृष्णद्वारा भगदत्तके वैष्णवास्त्रसे अर्जुनकी रक्षा तथा अर्जुनद्वारा हाथीसहित भगदत्तका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 29: अर्जुन और भगदत्तका युद्ध, श्रीकृष्णद्वारा भगदत्तके वैष्णवास्त्रसे अर्जुनकी रक्षा तथा अर्जुनद्वारा हाथीसहित भगदत्तका वध  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.29.3 
तथा तु शरवर्षाणि पातयत्यनिशं प्रभो।
गजस्कन्धान्महाराज कृष्णयो: स्यन्दनस्थयो:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
हे पराक्रमी महाराज! भगदत्त हाथी की पीठ से रथ पर बैठे श्रीकृष्ण और अर्जुन पर निरन्तर बाणों की वर्षा कर रहा था।
 
Powerful King! From the back of the elephant Bhagadatta was continuously showering arrows on Shri Krishna and Arjuna who were seated on the chariot.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)