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mahabharat 7.29.25: तब वसुदेवनन्दन भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से ये रहस्यपूर्ण वचन कहे - 'अनघ! कुन्तीनन्दन! इस विषय में जो गोपनीय बात पूर्वकाल में घटित हुई है, उसे सुनो॥25॥   |   mahabharat अध्याय 7.29: अर्जुन और भगदत्तका युद्ध, श्रीकृष्णद्वारा भगदत्तके वैष्णवास्त्रसे अर्जुनकी रक्षा तथा अर्जुनद्वारा हाथीसहित भगदत्तका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 29: अर्जुन और भगदत्तका युद्ध, श्रीकृष्णद्वारा भगदत्तके वैष्णवास्त्रसे अर्जुनकी रक्षा तथा अर्जुनद्वारा हाथीसहित भगदत्तका वध  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  7.29.25 
ततोऽर्जुनं वासुदेव: प्रत्युवाचार्थवद् वच:।
शृणु गुह्यमिदं पार्थ पुरा वृत्तं यथानघ॥ २५॥
 
 
अनुवाद
तब वसुदेवनन्दन भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से ये रहस्यपूर्ण वचन कहे - 'अनघ! कुन्तीनन्दन! इस विषय में जो गोपनीय बात पूर्वकाल में घटित हुई है, उसे सुनो॥25॥
 
Then Vasudevanandan Lord Shri Krishna said these mysterious words to Arjun - 'Anagh! Kuntinandan! Listen to this confidential matter regarding this matter, which has happened in the past. 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)