श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 29: अर्जुन और भगदत्तका युद्ध, श्रीकृष्णद्वारा भगदत्तके वैष्णवास्त्रसे अर्जुनकी रक्षा तथा अर्जुनद्वारा हाथीसहित भगदत्तका वध  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.29.10 
तत: प्राग्ज्योतिष: शक्तिं हेमदण्डामयस्मयीम्।
व्यसृजद् वासुदेवाय द्विधा तामर्जुनोऽच्छिनत्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
तब भगदत्त ने वसुदेवनन्दन श्रीकृष्ण पर निशाना साधकर सुवर्णमय दण्ड से लौहशक्ति का प्रयोग किया, किन्तु अर्जुन ने उसके दो टुकड़े कर दिए॥10॥
 
Then Bhagadatta aimed at Vasudevanandan Shri Krishna and used iron power with golden rod. But Arjun broke it into two pieces. 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)