श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 29: अर्जुन और भगदत्तका युद्ध, श्रीकृष्णद्वारा भगदत्तके वैष्णवास्त्रसे अर्जुनकी रक्षा तथा अर्जुनद्वारा हाथीसहित भगदत्तका वध  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.29.1 
धृतराष्ट्र उवाच
तथा क्रुद्ध: किमकरोद् भगदत्तस्य पाण्डव:।
प्राग्ज्योतिषो वा पार्थस्य तन्मे शंस यथातथम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र ने पूछा - संजय! उस समय क्रोध में भरे हुए पाण्डुपुत्र अर्जुन ने भगदत्त के साथ क्या किया और भगदत्त ने अर्जुन के साथ क्या किया? यह ठीक-ठीक बताओ॥1॥
 
Dhritarashtra asked - Sanjay! At that time, what did Arjuna, the son of Pandu, who was filled with anger, do to Bhagadatta and what did Bhagadatta do to Arjuna? Tell me this exactly.॥1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)