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mahabharat 7.28.6: अर्जुन के ऐसा कहने पर भगवान श्रीकृष्ण ने अपना रथ उसी ओर लौटा दिया, जिधर से त्रिगर्त राजा सुशर्मा उन पाण्डुकुमारों को युद्ध के लिए ललकार रहे थे॥6॥   |   mahabharat अध्याय 7.28: संशप्तकोंका संहार करके अर्जुनका कौरव-सेनापर आक्रमण तथा भगदत्त और उनके हाथीका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 28: संशप्तकोंका संहार करके अर्जुनका कौरव-सेनापर आक्रमण तथा भगदत्त और उनके हाथीका पराक्रम  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  7.28.6 
एवमुक्तस्तु दाशार्ह: स्यन्दनं प्रत्यवर्तयत्।
येन त्रिगर्ताधिपति: पाण्डवं समुपाह्वयत्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन के ऐसा कहने पर भगवान श्रीकृष्ण ने अपना रथ उसी ओर लौटा दिया, जिधर से त्रिगर्त राजा सुशर्मा उन पाण्डुकुमारों को युद्ध के लिए ललकार रहे थे॥6॥
 
On Arjuna saying this, Lord Shri Krishna returned his chariot to the same side from where Trigarta king Susharma was challenging those Pandukumars for war. 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)