Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.28.26: आर्य! तत्पश्चात् प्राग्ज्योतिष के राजा भगदत्त ने शत्रुओं की बाणों की वर्षा रोक दी तथा अपने बाणों से महाबली अर्जुन और श्रीकृष्ण को घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.28: संशप्तकोंका संहार करके अर्जुनका कौरव-सेनापर आक्रमण तथा भगदत्त और उनके हाथीका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 28: संशप्तकोंका संहार करके अर्जुनका कौरव-सेनापर आक्रमण तथा भगदत्त और उनके हाथीका पराक्रम  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  7.28.26 
तत: प्राग्ज्योतिषो राजा शरवर्षं निवार्य तत्।
शरैर्जघ्ने महाबाहुं पार्थं कृष्णं च मारिष॥ २६॥
 
 
अनुवाद
आर्य! तत्पश्चात् प्राग्ज्योतिष के राजा भगदत्त ने शत्रुओं की बाणों की वर्षा रोक दी तथा अपने बाणों से महाबली अर्जुन और श्रीकृष्ण को घायल कर दिया।
 
Arya! Thereafter, King Bhagdatta, the King of Pragjyotish, stopped the rain of arrows from the opponent and injured the mighty Arjun and Shri Krishna with his arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)