Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.28.25: यहाँ इन्द्रपुत्र पराक्रमी अर्जुन ने अपने बाणों की वर्षा से भगदत्त के बाणों की वर्षा को उसके पास पहुँचने से पहले ही नष्ट कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.28: संशप्तकोंका संहार करके अर्जुनका कौरव-सेनापर आक्रमण तथा भगदत्त और उनके हाथीका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 28: संशप्तकोंका संहार करके अर्जुनका कौरव-सेनापर आक्रमण तथा भगदत्त और उनके हाथीका पराक्रम  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  7.28.25 
स चापि शरवर्षं तं शरवर्षेण वासवि:।
अप्राप्तमेव चिच्छेद भगदत्तस्य वीर्यवान्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
यहाँ इन्द्रपुत्र पराक्रमी अर्जुन ने अपने बाणों की वर्षा से भगदत्त के बाणों की वर्षा को उसके पास पहुँचने से पहले ही नष्ट कर दिया।
 
Here the mighty Arjuna, son of Indra, with his shower of arrows destroyed Bhagadatta's shower of arrows before they could reach him. 25.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)