श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 28: संशप्तकोंका संहार करके अर्जुनका कौरव-सेनापर आक्रमण तथा भगदत्त और उनके हाथीका पराक्रम  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  7.28.22 
तं रथेन नरव्याघ्र: प्रत्यगृह्णाद् धनंजय:।
स संनिपातस्तुमुलो बभूव रथनागयो:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
पुरुषोत्तम अर्जुन ने अपने रथ से उस हाथी का सामना किया। रथ और हाथी के बीच वह युद्ध बड़ा भयंकर था।
 
The best of men Arjuna faced that elephant with his chariot. That fight between the chariot and the elephant was very fierce.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)