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mahabharat 7.27.22: वृक्षों, पर्वतों और बादलों के समान विशाल और ऊँचे शोभायमान हाथी, जिनके सवार पहले ही मारे जा चुके थे, अर्जुन के बाणों से घायल होकर भूमि पर गिर पड़े।   |   mahabharat अध्याय 7.27: अर्जुनका संशप्तक-सेनाके साथ भयंकर युद्ध और उसके अधिकांश भागका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 27: अर्जुनका संशप्तक-सेनाके साथ भयंकर युद्ध और उसके अधिकांश भागका वध  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  7.27.22 
द्रुमाचलाग्राम्बुधरै: समकाया: सुकल्पिता:।
हतारोहा: क्षितौ पेतुर्द्विपा: पार्थशराहता:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
वृक्षों, पर्वतों और बादलों के समान विशाल और ऊँचे शोभायमान हाथी, जिनके सवार पहले ही मारे जा चुके थे, अर्जुन के बाणों से घायल होकर भूमि पर गिर पड़े।
 
The well-decorated elephants, as huge and tall as trees, mountain peaks and clouds, whose riders had already been killed, fell to the ground after being struck by Arjuna's arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)