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mahabharat 7.26.44-45h: तत्पश्चात् सारथी ने अपने रथ के विशाल सिंधी घोड़ों को खड़ा किया और रथ पर कूद पड़ा। फिर वह रथ सहित सात्यकि के पास जाकर खड़ा हो गया।   |   mahabharat अध्याय 7.26: भीमसेनका भगदत्तके हाथीके साथ युद्ध, हाथी और भगदत्तका भयानक पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 26: भीमसेनका भगदत्तके हाथीके साथ युद्ध, हाथी और भगदत्तका भयानक पराक्रम  »  श्लोक 44-45h
 
 
श्लोक  7.26.44-45h 
बृहत: सैन्धवानश्वान् समुत्थाप्याथ सारथि:॥ ४४॥
तस्थौ सात्यकिमासाद्य सम्प्लुतस्तं रथं प्रति।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् सारथी ने अपने रथ के विशाल सिंधी घोड़ों को खड़ा किया और रथ पर कूद पड़ा। फिर वह रथ सहित सात्यकि के पास जाकर खड़ा हो गया।
 
Thereafter the charioteer stood up the huge Sindhi horses of his chariot and jumped on the chariot. Then he went and stood beside Satyaki with the chariot.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)