Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.26.41-42h: भयंकर धनुर्धरों और रथियों का समूह हाथी पर चारों ओर से आक्रमण करता हुआ उस पर बाणों की वर्षा कर रहा था और हाथी सब दिशाओं में विचरण कर रहा था ॥41 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.26: भीमसेनका भगदत्तके हाथीके साथ युद्ध, हाथी और भगदत्तका भयानक पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 26: भीमसेनका भगदत्तके हाथीके साथ युद्ध, हाथी और भगदत्तका भयानक पराक्रम  »  श्लोक 41-42h
 
 
श्लोक  7.26.41-42h 
मण्डलं सर्वत: श्लिष्टं रथिनामुग्रधन्विनाम्॥ ४१॥
किरतां शरवर्षाणि स नाग: पर्यवर्तत।
 
 
अनुवाद
भयंकर धनुर्धरों और रथियों का समूह हाथी पर चारों ओर से आक्रमण करता हुआ उस पर बाणों की वर्षा कर रहा था और हाथी सब दिशाओं में विचरण कर रहा था ॥41 1/2॥
 
The group of fierce archers and charioteers were attacking the elephant from all sides, showering arrows upon it, and the elephant was moving in all directions. ॥ 41 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)