Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.26.33-34h: पर्वतराज भगदत्त ने अपने अंकुश से उन बाणों का प्रहार रोक दिया और अपने हाथी को आगे बढ़ाकर पाण्डव तथा पांचाल योद्धाओं को कुचल डाला। | mahabharat अध्याय 7.26: भीमसेनका भगदत्तके हाथीके साथ युद्ध, हाथी और भगदत्तका भयानक पराक्रम । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स विघातं पृषत्कानामङ्कुशेन समाहरन्॥ ३३॥
गजेन पाण्डुपञ्चालान् व्यधमत् पर्वतेश्वर:।
अनुवाद
पर्वतराज भगदत्त ने अपने अंकुश से उन बाणों का प्रहार रोक दिया और अपने हाथी को आगे बढ़ाकर पाण्डव तथा पांचाल योद्धाओं को कुचल डाला।
Mountain king Bhagadatta warded off the attack of those arrows with his goad and driving his elephant forward crushed the Pandava and Panchala warriors. 33 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥