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mahabharat 7.26.11: यह देखकर भीमसेन की आँखें रक्त-सी लाल हो गईं और उन्होंने क्षण भर में राजा दुर्योधन को नष्ट करने के लिए तीखे पंखयुक्त बाणों से उसे घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.26: भीमसेनका भगदत्तके हाथीके साथ युद्ध, हाथी और भगदत्तका भयानक पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.26.11 
तत: क्षणेन क्षितिपं क्षतजप्रतिमेक्षण:।
क्षयं निनीषुर्निशितैर्भीमो विव्याध पत्रिभि:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
यह देखकर भीमसेन की आँखें रक्त-सी लाल हो गईं और उन्होंने क्षण भर में राजा दुर्योधन को नष्ट करने के लिए तीखे पंखयुक्त बाणों से उसे घायल कर दिया।
 
Seeing this, Bhimasena's eyes became blood red. In a moment, he pierced King Duryodhana with sharp feathered arrows, wanting to destroy him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)