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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 26: भीमसेनका भगदत्तके हाथीके साथ युद्ध, हाथी और भगदत्तका भयानक पराक्रम  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.26.10 
तथा गजानां कदनं कुर्वाणमनिलात्मजम्।
क्रुद्धो दुर्योधनोऽभ्येत्य प्रत्यविध्यच्छितै: शरै:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार जब हाथी सेना का विनाश होने लगा, तब दुर्योधन क्रोध में भरकर पवनपुत्र भीमसेन के पास आया और तीखे बाणों से उसे घायल कर दिया।
 
Thus, when the elephant army was being destroyed, Duryodhana, filled with anger, came to Bhimasena, the son of the wind, and pierced him with sharp arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)